‘ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए आगे आया पोलैंड’

 पोर्लैंड मे राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन 2018 के अंतिम सत्र बनाया गया 2 सप्ताह बाद पेरिस जलवायु सौदे के नियमों पर सहमत हैं संयुक्त राष्ट्र,मैराथन यूएन वार्ता के बाद ऐतिहासिक 2015 पेरिस जलवायु संधि को लागू करने के लिए शनिवार को लाइन पर एक सौदा खींचा, जो दुनिया कि मदत करने मे असफल रहा,राष्ट्रपति माइकल कुर्तिका ने कहा कि खतरनाक ग्लोबल वार्मिंग को रोकने की जरूरत है।

लगभग 200 राज्यों के प्रतिनिधियों ने वैश्विक तापमान को सीमित करने के पेरिस लक्ष्यों को वितरित करने के लिए डिज़ाइन की गई एक आम नियम पुस्तिका को अंतिम रूप दिया, जो दो डिग्री सेल्सियस (3.6 फारेनहाइट) से नीचे है। लगभग 200 राज्यों के प्रतिनिधियों ने वैश्विक तापमान को सीमित करने के पेरिस लक्ष्यों को वितरित करने के लिए डिज़ाइन की गई एक आम नियम पुस्तिका को अंतिम रूप दिया, जो दो डिग्री सेल्सियस (3.6 फारेनहाइट) से नीचे है।

world

वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग को रोकने की जरूरत है। कहा कि आने वाले समय मे इसका काफी प्रभाव पड़ेगा इस लिए इसको समय पर रोकना जरुरी है.बैठक ने ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने और अंतरराष्ट्रीय कार्बन उत्सर्जन व्यापार के लिए बाजार को विनियमित करने के लिए और अधिक महत्वाकांक्षी कार्रवाई करने के फैसले को स्थगित कर दिया। पोर्लैंड के प्रेसिडेंट का कहना है कि कार्बन डाइऑक्साइड जैसे गैसों के उत्सर्जन संभावित विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए हमे कुछ नियम बनाने होगे तबी हम 2030 तक इस समस्या से निजात पा सकते है और उन्होंने ओपी 24 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन 2018 मे  नियम पुस्तिका को एक नया रूप दिया.ऐसे न्यूज़ के लिए International News Hindi पर क्लिक कीजिए. 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *