मिलिए 55 साल की बेबी से, जिनके दिमाग की स्पीड के आगे Google भी फ़ैल

आज के इस हाई टेक जमाने में हम इंसान अपने दिमाग का नहीं बल्कि मशीनों का इस्तेमाल करते है. छोटी से छोटी कैलकुलेशन के लिए हम अपने दिमाग का नहीं बल्कि अपने मोबाइल फ़ोन के कैलकुलेटर का इस्तेमाल करते है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला से रूबरू कराएंगे जिनका दिमाग न सिर्फ तेज़ है बल्कि यह कंप्यूटर को भी फ़ैल करदें अपनी स्पीड के आगे.

दरअसल पंजाब में जिला फतेहगढ़ साहिब के गांव मनैला निवासी एक साधारण जमींदार परिवार की 55 वर्षीय महिला कुलवंत कौर गूगल इंजन की तरह हर सवाल का तुरंत जवाब देती हैं. इलाके के लोग उन्हें गूगल बेबे के नाम से पुकारते हैं. कब, किसने, किस तरह, कब तक भारत पर हमला और राज किया गूगल बेबे के पास तमाम जानकारियां टिप्स पर हैं. यहीं बस नहीं यहूदी, ईसाई, इस्लाम, बोधी, हिंदू और सिख आदि धर्म गुरुओं, उनके माता-पिता उनकी शिक्षाओं लिखित वाणियों, उपदेशों आदि की जानकारी भी टिप्स पर रखती है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय इतिहास में आर्य लोगों का आगमन, भारत पर पहला हमला करने वाले मोहम्मद बिन काजम तथा भारत पर 17 हमले करने वाले महमूद गजनवी, बुध धर्म के बुत तहस नहस करने वाले अलाउद्दीन खिलजी, यूनान के सिकंदर पोरस के हमले रोकने वाले चंद्रगुप्त मौर्य, अशोक सम्राट समेत महाराजा रणजीत सिंह, जस्सा सिंह रामगढ़िया, जस्सा सिंह आहलूवालिया समेत कई राजा महाराजा के जीवनकाल व उनके पारिवारिक सदस्यों का इतिहास गूगल बेबे के दिमाग में मौजूद है.

आपको बता दें की गूगल बेबे ने बताती है कि उसने अब तक हिस्टरी ऑफ इंडिया, हिस्टरी ऑफ पंजाब, डिस्कवरी ऑफ इंडिया, डिस्कवरी ऑफ पंजाब समेत धर्म अध्ययन के लिटरेचर को करीब 22 साल पढ़ा जो किताब एक बार पढ़ी गई उसे दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ी. गूगल बेबे के घर में बनाई गई छोटी सी लाइब्रेरी में बाबा बंदा सिंह बहादुर की दो किताबें, सिख मिशनरी की 4, सिख रसाले-2, 4 लेखकों व खोजकारों की किताबें समेत पत्रकार खुशवंत सिंह, कुलदीप नैय्यर, दीवान वरिंदर नाथ आदि की किताबें हैं.

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